कौन शुरू करना चाहता था ईरान के साथ जंग? ट्रंप ने पीट हेगसेथ को बना दिया बलि का बकरा
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने का आरोप अपने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ पर लगाया। ...और पढ़ें
ट्रंप ने ईरान युद्ध का आरोप हेगसेथ पर लगाया।
हेगसेथ ने परमाणु हथियार रोकने की कार्रवाई सुझाई थी।
ईरान ने अमेरिका से बातचीत की खबरों का खंडन किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की ओर से शुरू की जंग को लेकर अब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप घिरते नजर आ रहे हैं। टेनेसी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने के फैसले की जिम्मेदारी अपने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ पर डालते हुए दिखाई दिए।
इस कार्यक्रम में हेगसेथ ट्रंप के बगल में ही बैठे थे। इस दौरान ट्रंप ने कहा, "पीट, मुझे लगता है कि आप ही सबसे पहले बोले थे और आपने कहा था कि चलो इसे करते हैं, क्योंकि आप उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।"
डोनल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
इस टिप्पणी ने वॉशिंगटन में सबका ध्यान खींचा है, जहां अधिकारी और विश्लेषक इस बात पर बहस कर रहे हैं कि प्रशासन के भीतर किसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के लिए जोर दिया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मैंने पीट को फोन किया, मैंने जनरल (डैन) केन को फोन किया। मैंने अपने कई बेहतरीन लोगों को फोन किया और मैंने कहा, चलो बात करते हैं। मिडिल ईस्ट में हमारे सामने एक समस्या है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे पास एक देश है, जिसे ईरान के नाम से जाना जाता है, जो 47 सालों से सिर्फ आतंक फैला रहा है और वे न्यूक्लियर हथियार हासिल करने के बहुत करीब हैं। हम आगे बढ़ते रह सकते हैं और उन 50,000 सैनिकों की संख्या बढ़ाकर 55 और 60 हज़ार कर सकते हैं। इसका कोई अंत नहीं है या फिर हम रुककर मिडिल ईस्ट में एक छोटा सा अभियान चला सकते हैं और एक बड़ी समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं।"
हेगसेथ की ओर मुड़ते हुए उन्होंने आगे कहा, "और पीट, मुझे लगता है कि सबसे पहले बोलने वाले तुम ही थे और तुमने कहा था, 'चलो इसे करते हैं, क्योंकि तुम उन्हें न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।'"
ईरान से बातचीत को लेकर ट्रंप ने फिर किया दावा
उन्होंने हेगसेथ की तारीफ की और दावा किया कि अमेरिका तेहरान के साथ "बहुत अच्छी" बातचीत कर रहा है। हालांकि ईरान के सरकारी मीडिया ने दोनों विरोधी देशों के बीच किसी भी बातचीत की खबरों से इनकार किया है।
यह युद्ध फरवरी के आखिर में अमेरिका के हमलों के साथ शुरू हुआ था और अब एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल गया है, जिसमें ईरान और उसके सहयोगी भी शामिल हैं।