हिजबुल्ला को चुन-चुनकर खत्म कर रहा इजरायल, लेबनान में सैन्य कार्रवाई तेज; क्या है नेतन्याहू का प्लान?

 हिजबुल्ला को चुन-चुनकर खत्म कर रहा इजरायल, लेबनान में सैन्य कार्रवाई तेज; क्या है नेतन्याहू का प्लान?



लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है, जिससे लगभग 400 लोग मारे गए और 5 लाख से अधिक विस्थापित हुए हैं। इजरायल लेबनान में हिजबुल्लाह को कमजोर ...और पढ़ें






लेबनान में इजरायली हमलों से 400 मौतें, 5 लाख विस्थापित


इजरायल लेबनान की जनसांख्यिकीय संरचना बदलने की कोशिश में


हिजबुल्लाह को कमजोर कर निरस्त्र करने का लक्ष्य इजरायल का


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। पिछले एक हफ्ते में बेरूत सहित पूरे देश में इजरायली हमलों में करीब 400 लोग मारे गए हैं। इन हमलों से मानवीय संकट गहरा गया है और लाखों लोग अपने घर छोड़कर भाग रहे हैं।


इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में गहराई तक घुस गई है, जिससे चिंता है कि यह संघर्ष 2006 के युद्ध या 2024 की लड़ाई से भी ज्यादा लंबा और विनाशकारी साबित हो सकता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल लेबनान की राजनीतिक और जनसांख्यिकीय संरचना बदलने की कोशिश कर रहा है।
लेबनानी विश्लेषक माइकल यंग ने कहा कि इजरायल लेबनान का डेमोग्राफिक मैप रीड्रॉ करने की कोशिश कर सकता है, ताकि हिजबुल्लाह पर दबाव बढ़े और उसकी अपनी सपोर्ट बेस से कनेक्शन कमजोर हो।
खामेनेई की हत्या के बाद युद्ध में नया मोड़

युद्ध में यह बढ़ोतरी 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद हुई। दो दिन बाद हिजबुल्ला ने एक साल से ज्यादा समय बाद पहली बार इजरायली सैन्य ठिकानों पर हमला किया।


इसके जवाब में इजरायल ने नवंबर 2024 के सीजफायर को खत्म घोषित कर दिया और दक्षिणी लेबनान के निवासियों को लितानी नदी के उत्तर जाने का आदेश दिया।

बेरूत के दक्षिणी उपनगर और हिजबुल्ला का गढ़ दाहिया के लोगों को भी निकलने को कहा गया। संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों के अनुसार, इस सीजफायर के पहले ही इजरायल ने 10,000 से ज्यादा बार उल्लंघन किया था।
विस्थापन का बढ़ता खतरा

लेबनान के सामाजिक मामलों के मंत्री हनीन सईद ने बताया कि इजरायल के तीव्र हमलों के बाद 5 लाख 17 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिनमें से 1 लाख 17 हजार सरकारी शेल्टर्स में हैं।


लेबनानी अमेरिकन यूनिवर्सिटी के राजनीतिक वैज्ञानिक इमाद सलामी ने कहा कि दक्षिणी लेबनान, बेका के कुछ हिस्सों और दक्षिणी उपनगरों से लोगों को बाहर निकालकर इजरायल डेमोग्राफिक पैटर्न बदल रहा है और बड़े पैमाने पर आंतरिक विस्थापन पैदा कर रहा है।

हिजबुल्लाह कमजोर लेकिन निरस्त्र नहीं

हिजबुल्ला लंबे समय से लेबनान की सबसे ताकतवर मिलिट्री फोर्स रहा है, लेकिन 2023-2024 के युद्ध में उसके कई टॉप लीडर्स मारे गए और वह काफी कमजोर हो गया। लेबनानी सरकार ने हिजबुल्ला को निरस्त्र करने का वादा किया है और उसके मिलिट्री एक्टिविटीज को गैरकानूनी घोषित किया है।


विश्लेषकों का कहना है कि हिजबुल्ला के गढ़ों पर निकासी आदेश उसके शिया सपोर्ट बेस से संबंध कमजोर करने के लिए हैं। इजरायली वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने धमकी दी है कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को दूसरा गाजा बना दिया जाएगा, जहां खान यूनिस जैसी तबाही हो सकती है।

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