क्या अब थम जाएगी ईरान और अमेरिका की जंग? राष्ट्रपति पेजेशकियन ने रखी तीन शर्तें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका-इजरायल संघर्ष समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पर भविष्य में हमलों के खिलाफ गा ...और पढ़ें
ईरान ने अमेरिका-इजरायल संघर्ष समाप्त करने की शर्तें बताईं।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कानूनी अधिकारों की मान्यता मांगी।
भविष्य में हमले न होने की गारंटी और मुआवजा भी मांगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका-इजरायल के संघर्ष में पिछले 13 दिनों से पश्चिमी एशिया सुलग रहा है। इस बीच ईरान की ओर से जंग को खत्म करने की दिशा में सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है।
ईरानी सरकार ने संघर्ष को खत्म करने के लिए तीन शर्तें बताई हैं। शर्तें बताते हुए ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन ने कहा कि किसी भी प्रस्ताव में ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जानी चाहिए और यह गारंटी दी जानी चाहिए कि देश पर भविष्य में हमले नहीं होंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, पेजेशकियन ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की।
उन्होंने लिखा, "रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करके, मैंने इस इलाके में शांति के लिए ईरान के वादे को फिर से पक्का किया। यहूदी शासन और US की ओर शुरू की गई इस लड़ाई को खत्म करने का इकलौता तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देना, हर्जाना देना और भविष्य में हमले के खिलाफ पक्की इंटरनेशनल गारंटी देना है।"

तेल के खेल में ईरान ने चल दिया नहले पर दहला
ईरानी राष्ट्रपति का युद्धविराम का ऑफर तब आया जब ईरान की सेना के प्रवक्ता अबोलफजल शेखरची ने सरकारी IRIB TV को बताया कि अगर वाशिंगटन ने ईरानी पोर्ट सुविधाओं पर हमला किया तो फारस की खाड़ी (अरब की खाड़ी भी कहते हैं) में कोई भी पोर्ट, इकोनॉमिक सेंटर या जगह ईरान की पहुंच से बाहर नहीं होगी।
सरकारी TV के मुताबिक, सेना के प्रवक्ता अबोलफजल शेखरची ने कहा, "अगर हमारे पोर्ट और डॉक को खतरा होता है, तो इस इलाके के सभी पोर्ट और डॉक हमारे असली टारगेट होंगे।"
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरानी पोर्ट पर हमला होता है तो सेना "अब तक किए गए ऑपरेशन से भी ज़्यादा बड़ा ऑपरेशन करेगी"।