डेटा सेंटरों में 7 साल में देश के भीतर 800 प्रतिशत बढ़ने वाली है बिजली की मांग, सरकार ने दी जानकारी

 डेटा सेंटरों में 7 साल में देश के भीतर 800 प्रतिशत बढ़ने वाली है बिजली की मांग, सरकार ने दी जानकारी



इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि एआई और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के कारण देश में डेटा सेंटरों की बिजली मांग तेजी से बढ़ ...और पढ़ें




सरकार ने बिजली को लेकर दी अहम जानकारी। (फाइल फोटो)

डेटा सेंटरों की बिजली मांग 2031-32 तक 13.56 गीगावॉट होगी।


एआई और डिजिटल सेवाओं से बिजली खपत में 800% वृद्धि।


मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में एआई और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डेटा सेंटरों की बिजली मांग तेजी से बढ़ने का अनुमान है। इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया कि 2031-32 तक डेटा सेंटरों से बिजली की मांग 13.56 गीगावॉट तक पहुंच सकती है।


उच्च सदन में एक सवाल का जवाब देते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं के विकास के साथ-साथ देश का डेटा सेंटर इकोसिस्टम भी लगातार बढ़ रहा है।
लगातार बढ़ रही डेटा सेंटर की क्षमता

उन्होंने कहा कि अभी देश में डेटा सेंटर क्षमता तेजी से बढ़ रही है। यह 2020 में 375 मेगावॉट थी, जो 2025 तक बढ़कर करीब 1,500 मेगावॉट हो गई है। अगले करीब 7 वर्षों में बिजली मांग 800% बढ़ने का अनुमान है।

किन देशों में हैं डेटा सेंटर

सरकार के अनुसार, एआई विकास को बढ़ावा देने के लिए 14 सेवा प्रदाताओं और डेटा सेंटरों के जरिए 38,231 जीपीयू उपलब्ध कराए गए हैं। इन्हें स्टार्टअप, शोध संस्थानों और शिक्षण संस्थानों को औसतन 65 रुपए प्रति घंटे की सब्सिडी दर पर दिया जा रहा है। देश के प्रमुख डेटा सेंटर मुंबई, नवी मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, नोएडा और जामनगर में स्थित हैं।

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