6 महीने से ज्यादा लगेगा समय...', अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने तेल की सप्लाई को लेकर चेताया

 6 महीने से ज्यादा लगेगा समय...', अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने तेल की सप्लाई को लेकर चेताया



अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा रहा है। IEA प्रमुख फातिह बिरोल के अनु ...और पढ़ें




खाड़ी क्षेत्र में बड़ा संकट तेल-गैस आपूर्ति बहाल होने में लगेगा लंबा समय (फाइल फोटो)


IEA प्रमुख ने 6+ महीने की आपूर्ति बाधा की चेतावनी दी।


पश्चिम एशिया युद्ध से वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया।


होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति लगभग ठप।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस की सप्लाई को सामान्य होने में छह महीने या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है।


अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है कि कई तेल और गैस प्रोजेक्ट को दोबारा चालू करने में कम से कम छह महीने लगेंगे, जबकि कुछ जगहों पर इससे भी ज्यादा समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक नेतृत्व और बाजार इस संकट की गंभीरता को कम आंक रहे हैं।

उनके मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा संकट बन सकता है। पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र की कई बड़ी रिफाइनरियों पर हमले हुए हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।


होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर

28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं। जवाब में ईरान ने पूरे पश्चिम एशिया में हमले किए हैं। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही लगभग रोक दी है।

यह रास्ता दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई के लिए बेहद अहम है। अब इस मार्ग से तेल की सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जिससे वैश्विक बाजार में भारी असर देखा जा रहा है।
ऊर्जा ढांचे को भारी नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार अब बड़े पैमाने पर तेल और गैस उत्पादन, भंडारण और ट्रांसपोर्ट से जुड़े ढांचों पर हमले हो रहे हैं। इससे सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस संकट को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने कुछ सुझाव भी दिए हैं, जैसे गाड़ियों की स्पीड कम करना, बिजली से खाना बनाना, हवाई यात्रा सीमित करना और कारपूलिंग बढ़ाना।


11 मार्च को एजेंसी ने वैश्विक तेल कीमतों को काबू में रखने के लिए 40 करोड़ बैरल तेल भंडार से जारी करने का फैसला किया, जिसमें अमेरिका का बड़ा योगदान है।


दुनिया के तेल बाजार को बड़ा झटका

इस युद्ध के कारण दुनिया के तेल बाजार को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई लगभग रुकने से स्थिति और गंभीर हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक क्षेत्र में शांति नहीं होती, तब तक तेल और गैस की सप्लाई सामान्य होने में काफी समय लग सकता है।

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