यहां जय भी है, वीरू भी है, ठाकुर भी है, हरिराम नाई भी है, ये पूरी की पूरी शोले है... J&K के कोच ने खोले मजेदार राज
Ranji Trophy Final Jammu & Kashmir: रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पहली बार फाइनल में जम्मू-कश्मीर की टीम पहुंची है। सेमीफाइनल मैच में बंगाल पर जीत दर्ज कर ...और पढ़ें
रणजी ट्रॉफी 2026 के फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम
रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहली बार जम्मू-कश्मीर की टीम पहुंची
जम्मू-कश्मीर की टीम ने बंगाल को हराया
अभिषेक त्रिपाठी, अहमदाबाद। रणजी के इतिहास में पहली बार फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर टीम की सेमीफाइनल की जीत पर गदगद उनके कोच अजय शर्मा का कहना है कि उनकी टीम आज की शोले है, क्योंकि जब शोले फिल्म बन रही थी तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह इतनी हिट होगी। इसी तरह जम्मू-कश्मीर के बारे में भी किसी ने नहीं सोचा था कि यह ऐसा शानदार प्रदर्शन करेगी।
इस टीम में भी शोले की तरह जय-वीरू, ठाकुर, गब्बर और हरिराम नाई भी हैं। इन सब किरदारों के दम पर जैसे शोले हिट हुई वैसे ही हमारी टीम ने परचम लहराया है। रणजी सेमीफाइनल में बंगाल पर जीत के बाद कोच अजय शर्मा ने दैनिक जागरण से कहा कि 67 साल के इतिहास में जम्मू कश्मीर की टीम पहली बार रणजी के फाइनल में पहुंची है।
J&K क्रिकेट टीम पहली बार Ranji Trophy Final में पहुंची
यह ऐतिहासिक पल है और इस खुशी से हम बाहर नहीं आ पा रहे। यह सभी खिलाड़ियों की मेहनत से संभव हुआ है। पिछली बार एक रन से क्वार्टर फाइनल में हार गए थे, यह बात इस बार भी मन में थी, लेकिन इस बार इस दौर को पार करते ही हमें लगा कि हमने बड़ी बाधा को पार कर लिया। सेमीफाइनल में हमने विरोधी टीम को उसके घर में घुसकर हराया है। यह हमारे लिए कोई संयोग या लाभ वाली परिस्थिति में मिली जीत नहीं है।
खिलाड़ियों में और कोचिंग स्टाफ में साल भर से ही अच्छा तालमेल बना हुआ था और हम इन परिणामों के लिए आश्वस्त थे। प्रबंधन से भी हमें हर तरह की सुविधाएं मिलीं। इस जीत से जम्मू-कश्मीर से आने वाले बीसीसीआइ के अध्यक्ष मिथुन मन्हास भी काफी खुश होंगे, इससे उनका भी मान बढ़ेगा।
अजय ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में काफी क्रिकेट खेला और कोचिंग दी, इससे मेरे लिए इस तरह की पिचों को समझना आसान था। हालांकि कोच होने के नाते मुझे कहीं न कहीं घबराहट और चिंता भी थी कि टीम अच्छा करे। अब रणजी की टीमों में जम्मू कश्मीर की टीम के लिए सोच बदल चुकी है। अब इस टीम को कोई भी हल्के में नहीं लेना चाहता, बल्कि यूं कहूं की अब अन्य टीमें हमसे डरती हैं।
Ranji Trophy Final: जम्मू-कश्मीर की टीम का फाइनल मैच किससे होगा?
वंशज और शमद की पारी की बदौलत जम्मू कश्मीर ने बंगाल को हराकर रणजी ट्राफी में पहली बार फाइनल में जगह बना ली। अब उसका मुकाबला कर्नाटक व उत्तराखंड में चल रहे दूसरे सेमीफाइनल मैच की विजयी टीम से होगा। जम्मू कश्मीर को दूसरी पारी में जीत के लिए 126 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने चार विकेट खोकर हासिल कर लिया और इस तरह मैच छह विकेट से जीत लिया।
वंशज शर्मा ने अविजित 43 व अब्दुल शमद ने अविजित 30 रन बनाए। बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए थे, जिसके जवाब में जम्मू कश्मीर की पहली पारी 302 रन पर समाप्त हुई थी। मैच के तीसरे दिन जम्मू कश्मीर के आकिब नबी डार व सुनील कुमार ने चार-चार विकेट चटकाकर मैच का रूख मोड़ दिया था। उनकी घातक गेंदबाजी के आगे बंगाल की दूसरी पारी 99 रनों पर ढेर हो गई थी।
विशाल बढ़त से कर्नाटक की जीत लगभग तय
अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेले जा रहे रणजी ट्राफी के सेमीफाइनल में उत्तराखंड के विरुद्ध कर्नाटक की जीत लगभग पक्की हो गई और वह अब फाइनल की दहलीज पर खड़ा है। कर्नाटक के विशाल 736 रनों के जवाब में उत्तराखंड की पहली पारी 233 रनों पर सिमट गई। कर्नाटक ने दूसरी पारी में खेलकर कुल बढ़त छह विकेट पर 802 रन कर ली है, जिसे पाना असंभव है।