संताल परगना का पहला ग्रीन हाई-वे तैयार, देवघर पहुंचना हुआ बेहद आसान
संताल परगना का पहला ग्रीन हाई-वे प्रोजेक्ट, हंसडीहा-महगामा खंड, देवघर पहुंचने की राह आसान बना रहा है। 52 किमी लंबे इस मार्ग पर सुरक्षा के लिए हर किमी ...और पढ़ें

संताल परगना के पहले ग्रीन हाई वे प्रोजेक्ट से देवघर पहुंचने की राह आसान हो गई है। इस प्रोजेक्ट में वर्ल्ड क्लास की सुविधा है। 52 किलोमीटर लंबे मार्ग में सुरक्षा, वाहन और यात्री सुरक्षा की मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक किमी पर हाई रेजोल्यूशन का कैमरा लगाया गया है। इसकी मॉनिटरिंग टोल प्लाजा में लगे कंट्रोल रूम से की जाएगी। सारा सेंटअप तैयार हो चुका है।
प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत एनएचएआई का पहला फोर लेन हंसडीहा से महगामा के बीच बनकर तैयार हो है। शुक्रवार को एनएच-133 के महगामा-हंसडीहा खंड पर टोल का शुभारंभ होगा। प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत देवघर-बासुकीनाथ फोर लेन का निर्मण है, जो अप्रैल तक पूरा हो जाएगा।
एनएचएआई के जीएम (तकनीक) विजय कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रभात रंजन पांडेय, मैनेजर अमन कुमार ने टीम के साथ दोनों प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया।
जीएम ने बताया कि हंसडीहा-महगामा प्रोजेक्ट का कार्य लगभग समाप्त हो गया है। इसमें वर्ल्ड क्लास की सुविधा बहाल की गई है। दूसरा प्रोजेक्ट देवघर-बासुकीनाथ धाम फोरलेन का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि साहिबगंज में गंगा पुल का काम चल रहा है जो झारखंड को बिहार से जोड़ेगा।
संताल में एटीएमएस पहली बार:
एनएचएआई के प्रोजेक्ट को देशभर में नई सुविधाओं को लेकर बन रहे हैं। वहीं सुविधा देवघर-गोड्डा सड़क मार्ग पर हंसडीहा-महगामा के बीच बने राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क पर की गई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रत्येक एक किमी पर हाई रेजोल्यूशन का कैमरा लगाया गया है। इसकी 24 घंटा मॉनिटरिंग के लिए टोल में एनएचआइ का कंट्रोल रूम बनाया गया है।
एडवांस टेक्नोलॉजी मॉनिटरिंग सिस्टम (एटीएमएस) स्थापित किया गया है। सड़क मार्ग पर लगे कैमरा से निगहबानी होगी। किसी तरह की दुर्घटना, सुरक्षा, सूचना, गाड़ी के ब्रेक डाउन की सूचना मिलते ही टोल पर खड़े एंबुलेंस, क्रेन को तत्काल वहां भेज दिया जाएगा। नजदीक के अस्पताल पहुंचाया जाएगा।
सुविधाओं का लाभ लेना है तो क्यूआर कोड स्कैन करें:
एनएचएआई के प्रोजेक्ट में नई व्यवस्था क्यूआर कोड स्कैनर की है। यह प्रत्येक पांच किलोमीटर पर होगी। सड़क पर सफर कर रहे वाहन के यात्री जैसे ही उसको स्कैन करेंगे, उनको नजदीक के पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, गैराज, अस्पताल, दुकान व अन्य जानकारियां मिल जाएंगी। प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रभात रंजन पांडेय ने बताया कि मार्च तक यह सेवा शुरू हो जाएगी।
एक नजर प्रोजेक्ट पर
परियोजना के कंसेशनायर एमएस महगामा-हंसडीहा हाईवेज लिमिटेड है। स्वतंत्र अभियंता एमएस एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. है। परियोजना की कुल लंबाई 51.825 किमी है जिसकी लागत 976.00 करोड़ है।बाईपास की लंबाई - 22.485 किमी
प्रमुख पुल की संख्या -06
लघु पुल की संख्या - 12
वीयूपी की संख्या - 03
एलवीयूपी - 08
एसवीयूपी-07
नया पुलिया -65
पुलियों का पुनर्निर्माण -36
टोल प्लाजा - एक
रसोइया धामना में अंडरपास का निर्माण
झारखंड में 12 हजार करोड़ की 16 परियोजना में छह सौ किमी का काम पूरा हो चुका है। आठ हजार करोड़ की छह परियोजना पूरी होने वाली है जो 272 किमी है। 19,111 करोड़ की 15 परियोजना में 518 किमी पर कार्य चल रहा है। संताल के दो प्रोजेक्ट में एक हंसडीहा-महगामा का कार्य लगभग समाप्त हो गया है। देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन का कार्य चल रहा है। - विजय कुमार, जीएम तकनीक, एनएचएआई रांची
एक सौ मीटर को छोड़कर प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। इसमें वर्ल्ड क्लास की सुविधा है। मार्च तक सारी सुविधा बहाल हो जाएगी। एटीएमएस की सुविधा वाला पहला प्रोजेक्ट है। बासुकीनाथ -देवघर फोरलेन 45 किमी का है। जिसमें 80 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। उम्मीद है अप्रैल तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। - प्रभात रंजन पांडेय, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई देवघर