ट्रंप के बढ़ते दबाव के बीच जागी समझौते की उम्मीद, ओमान का दावा- परमाणु हथियार नहीं रखने पर ईरान तैयार

 ट्रंप के बढ़ते दबाव के बीच जागी समझौते की उम्मीद, ओमान का दावा- परमाणु हथियार नहीं रखने पर ईरान तैयार



ईरान और अमेरिका के बीच जिनेवा में हुई वार्ता के बाद ओमान ने एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा किया है। ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी के अनुसार, ईरान ...और पढ़ें





अमेरिका के दबाव में झुका ईरान


 मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चल रहा है। अमेरिका और ईरान की जिनेवा में वार्ता पूरी हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे ओमान ने वार्ता को सकारात्मक बताया है। जिससे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता की उम्मीद जागी है।


दरअसल, ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने और अपने पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम के भंडार को पूरी तरह खत्म करने पर सहमत हो गया है। ओमान के विदेश मंत्री ने इसे वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
बातचीत में तैयार हुआ फॉर्मूला

ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी ने अमेरिकी चैनल CBS को दिए इंटरव्यू में कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में ऐसा फॉर्मूला तैयार हुआ है जिसके तहत ईरान भविष्य में परमाणु हथियार बनाने वाला यूरेनियम जमा नहीं करेगा। ओमान के विदेश मंत्री के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि लंबे समय से अटकी परमाणु डील अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गई है।


ओमान के विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान न केवल परमाणु हथियारों को त्यागने की प्रतिबद्धता जताई है, बल्कि किसी भी समझौते के तहत 'शून्य संचय, शून्य भंडारण और पूर्ण सत्यापन' सुनिश्चित करने का भी वादा किया है।
पीछे नहीं हटने वाले ट्रंप

हालांकि, एक ओर जहां ईरान-अमेरिका में शांति समझौते की सुगबुगाहट तेज है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वार्ता की धीमी गति पर असंतोष जताते हुए सैन्य कार्रवाई के विकल्प को अब भी खुला रखा है। ईरान द्वारा व्यापक समझौते से इनकार करने पर सैन्य कार्रवाई की धमकी देते हुए, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि वे वार्ता को और समय देने के लिए तैयार हैं।


ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी के अनुसार, ईरान के मौजूदा समृद्ध यूरेनियम भंडार को न्यूनतम संवर्धन स्तर तक कम किया जाएगा और इस प्रक्रिया को अपरिवर्तनीय तरीके से परमाणु ईंधन में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर समझौता सही तरीके से लागू हुआ तो आगे चलकर अमेरिकी निरीक्षकों को भी जांच की अनुमति मिल सकती है।

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