देवघर शिव बरात: साइबर ठगी के खिलाफ 'हैकर दैत्य' झांकी करेगी जागरूक
Deoghar Shiv Barat: देवघर में 33वीं शिव बारात महाशिवरात्रि पर अनूठी झांकियों के साथ निकलेगी। मुख्य आकर्षण 'हैकर दैत्य' झांकी होगी, जो साइबर अपराध के प ...और पढ़ें

साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता के लिए बनाई जा रही झांकी।
साइबर ठगी के खिलाफ 'हैकर दैत्य' झांकी मुख्य संदेश।
नशे से बचाव हेतु 'सुलगता मुंड' झांकी करेगी जागरूक।
महाकाल का विकराल लाइव रूप, नारी शक्ति झांकी भी दिखेगी।
देवघर। महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है। इस माैके पर देवघर में शाम में निकलने वाली शिव बरात में समाज से भटक गयी पीढ़ी को संदेश देने वाली झांकी आपको अपनी ओर खींच लेगी।
साइबर अपराध में देवघर पहचान बना रहा है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ की नगरी में महाशिवरात्रि के दिन 32 साल से अदभुत शिव बारात निकलता है। बारात में हर साल आकर्षक झांकी निकलती है। वह किसी ना किसी थीम पर आधारित होती है।
साल 2026 के शिव बरात का मुख्य आकर्षण में एक समाज को जागरूक करता हैकर दैत्य होगा। कलाकार ने साइबर क्राइम करने वाले को दानव के तुल्य माना है। जिसकी झांकी तैयार हो रही है। हैकर दैत्य को लैपटाप पर क्राइम करते दर्शाया जाएगा।
कलाकार लक्ष्मण राउत बताते हैं कि युवा पीढ़ी में आए भटकाव को रोकने के लिए यह जागरूक करती झांकी होगी। साइबर क्राइम करने वाले समाज में दैत्य की तरह हैं जो किसी की खून-पसीने की कमाई को चट कर जाते हैं। आज बदलते जमाने में साइबर ठगी की घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो गयी है। एक से एक तकनीक का इजात कर वह भोले भाले लोगों को मिनटों में ठग लेते हैं।
उनकी जीवन भर की गाढ़ी कमाई को उनके बैंक एकाउंट से उड़ा देते हैं। इधर सरकारी रिपोर्ट को देखें तो साइबर ठगी में देवघर तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है। नेशनल क्राइम इंडेक्स की मानें तो साइबर ठगी के मामले में देवघर देश में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है।
सुलगता मुंड के माथा से आग और मुंह से निकलेगा धुंआ
शिव बरात में निकलने वाली झांकी व साज-सज्जा के अध्यक्ष मार्कण्डेय जजवाड़े बताते हैं कि बरात की हर एक झांकी समाज को संदेश देने वाली होगी। सबसे भयावह और डरावना सुलगता मुंड होगा। जो 12 फीट लंबा और पांच फीट चौड़ा होगा।
सुलगता मुंड चारों ओर घूमता रहेगा। जिसके माथा और कान से आग निकलेगा। जबकि वह मुंह खोलेगा तो धुंआ निकलेगा। एक झांकी में यह दिखाया जाएगा कि पिंजरा में एक झूला लगा है और उस पर कंकाल झूल रहा है। यह उन युवाओं को सचेत करेगा जो नशा का सेवन कर रहे हैं।
एक समय ऐसा आएगा कि वह इसी तरह एक पिंजरे में बंद होकर बैठे रहेंगे। अंतरिक्ष में शिव की पूजा का एक दृश्य होगा। यह बाबा मंदिर में स्थापित शिवलिंग को केंद्रित कर होगी।
पहली बार महाकाल का विकराल आकार
शिव बरात में पहली बार महाकाल का विकराल आकार दिखेगा। यह लाइव होगा। जिसकी तैयारी चल रही है। शिव बारात को 1999 से आकार देने वाले और झांकी को नयी दिशा देने वाले ख्याति प्राप्त कलाकार मार्कण्डेय जजवाड़े बताते हैं कि नारी शक्ति को केंद्रत करती एक झांकी होगी।
भारत ने अभी विश्व कप जीता है। समिति के अध्यक्ष अभिषेक आनंद के सुझाव पर नारी शक्ति को खेल में आगे बढ़ाने वाली झांकी होगी। झांकी में नरभक्षिणी को गुड्डा राउत आकार दे रहे हैं। जिसमें नरभक्षिणी बारात में खड़े लोगों पर झपट्टा मारती दिखेगी।