ONGC के कुएं में भयानक गैस रिसाव, दूसरे दिन भी धधक रही आग; दिल्ली-मुंबई से बुलाई स्पेशल टीम

 ONGC के कुएं में भयानक गैस रिसाव, दूसरे दिन भी धधक रही आग; दिल्ली-मुंबई से बुलाई स्पेशल टीम



आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले में ONGC के मोरी-5 गैस कुएं में सोमवार दोपहर से लगी भीषण आग मंगलवार को भी धधक रही है। लपटें आसमान छू रह ...और पढ़ें






आंध्र प्रदेश के डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले में ONGC की मोरी-5 गैस कुएं से भयंकर धमाका हुआ है। सोमवार दोपहर से शुरू हुई यह आग मंगलवार को भी धधक रही है। लपटें आसमान को छू रही हैं और आसपास के इलाके काले धुएं से ढक गए हैं। रेजोल शहर के कुछ हिस्सों में घना काला धुआं छा गया है। भीषण आग के बाद लोगों में दहशत फैल गई है।


फायरफाइटिंग टीमें रातभर जुटकर काम करती रहीं। उनका ध्यान कुएं के मुहाने को ठंडा रखने और आग को पास के नारियल के बागानों तथा मछली तालाबों तक फैलने से रोकने पर है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।


आग बुझाने के लिए क्या हो रहा है प्रयास?

दिल्ली से क्राइसिस मैनेजमेंट की एक विशेषज्ञ टीम आज सुबह पहुंच रही है। यह टीम वेल कंट्रोल ऑपरेशन की अगुवाई करेगी। फिलहाल फायरफाइटिंग टीम नरसापुरम से लाए गए हाई-प्रेशर पाइपों का इस्तेमाल कर रही है। वे चारों तरफ से पानी छिड़ककर 'वॉटर अम्ब्रेला' बना रहे हैं। इससे कुएं का मुहाना ठंडा रहता है और आग पास के नारियल के पेड़ों या एक्वा पॉन्ड्स तक नहीं फैल पाती।

जिले में लगाई गई सख्त पाबंदियां

जिला प्रशासन ने कुएं के 1 किलोमीटर दायरे में सख्त 'नो-गो जोन' की पाबंदी लगा रखी है। इरुसुमांडा और आसपास के गांवों से करीब 600 लोग यानी 300 परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। 5 किलोमीटर के दायरे में लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जा रही है कि लोग बिजली के उपकरण, गैस चूल्हा या कोई आग न जलाएं, क्योंकि हवा में ज्वलनशील गैस के होने की आशंका है।


इलाके की स्कूलों को अगले 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। जिला कलेक्टर आर महेश कुमार ने मौके का दौरा किया और सभी तैयारियां जांच की। उन्होंने बताया कि कुएं के नीचे एक इंसुलेटेड लेयर है जिसमें अनुमानित 30 से 40 मिलियन टन रिजर्व है। अगर दोपहर तक दबाव कम नहीं हुआ तो मैकेनिकल कैपिंग का विकल्प अपनाया जाएगा। इसमें भी कई दिन लग सकते हैं।

हादसा कैसे हुआ?

यह हादसा सोमवार दोपहर करीब 12:20 बजे हुआ। पहले बंद पड़ी इस कुएं को प्रोडक्शन बढ़ाने के काम के दौरान फिर से शुरू किया जा रहा था। ONGC के ठेकेदार दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टीम 2.7 किलोमीटर गहराई पर परफोरेशन का काम कर रही थी। तभी अचानक दबाव बढ़ा और गैस के साथ कच्चे तेल का मिश्रण बाहर निकला। कुछ मिनट बाद ही यह आग पकड़ लिया।

Share this

Related Posts

Previous
Next Post »