क्या आप यकीन करेंगे कि कोई 10 मिनट से भी कम समय में 34 मंजिल सीढ़ियां चढ़ सकता है? बता दें, अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने ...और पढ़ें

सीढ़ियां चढ़ने से सेहत को क्या-कुछ फायदे मिलते हैं? डॉक्टर ने किया खुलासा (Image Source: Freepik)
रोज सीढ़ियां चढ़ने से सेहत को कई फायदे मिल सकते हैं
डॉक्टर इस एक्सरसाइज को लंबी उम्र का रास्ता बताते हैं
हार्ट को हेल्दी रखने के लिहाज से भी सीढ़ियां चढ़ना फायदेमंद है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। फिटनेस के लिए हम अक्सर जिम और महंगे सप्लीमेंट्स के पीछे भागते हैं, जबकि अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार कहते हैं कि रोज 'सीढ़ियां चढ़ने' से ही आपके शरीर को कई हैरतअंगेज फायदे मिल सकते हैं। आइए जानें कैसे यह साधारण-सी दिखने वाली एक्सरसाइज आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

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हा के लिए जबरदस्त वर्कआउट
सीढ़ियां चढ़ने के लिए आपके शरीर को मेहनत करनी पड़ती है। यह एक हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज है, जिससे बहुत कम समय में आपके लंग्स और हार्ट हेल्थ में सुधार होता है।
ब्रेन और मेटाबॉलिज्म को फायदा
कई लोग सीढ़ियां चढ़ने को सिर्फ पैरों की कसरत से जोड़कर देखते हैं, जो कि सही नहीं है। बता दें, सीढ़ियां चढ़ने से ब्रेन में ब्लड फ्लो बेहतर होता है। साथ ही, यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारता है और खाना खाने के बाद ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से भी रोकता है।
ताकत और सहनशक्ति एक साथ
साधारण पैदल चलने की बजाय, सीढ़ियां चढ़ना एक साथ कई मांसपेशियों को टारगेट करता है। यह आपकी जांघों, हिप्स, पिंडलियों और पेट की मांसपेशियों को स्ट्रॉन्ग बनाता है। इससे एक यह ऐसी ताकत मिलती है, जो आपको रोजमर्रा के कामों में फुर्तीला बनाती है।

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हड्डियों की मजबूती
यह एक 'वेट-बेयरिंग' एक्सरसाइज है, जिसका मतलब है कि यह हड्डियों पर सकारात्मक दबाव डालती है। इससे हड्डियों का घनत्व बना रहता है और भविष्य में फैक्चर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
समय की बचत
अगर आप घंटों जिम में नहीं बिता सकते, तो सीढ़ियां चुनें। केवल कुछ मिनट सीढ़ियां चढ़ना, लंबी और धीमी कसरत के बराबर कार्डियो बेनिफिट दे सकता है। यानी कम समय में ज्यादा फायदा।
कितनी सीढ़ियां चढ़ना है काफी?
हेल्दी एडल्ट्स के लिए डॉक्टर की सलाह है:हफ्ते में 3 से 5 दिन: सिर्फ 10-15 मिनट सीढ़ियां चढ़ना काफी है।
ब्रेक है जरूरी: दिन भर में अगर आप बार-बार 2-3 मंजिल भी चढ़ते हैं, तो इसका फायदा जुड़ता जाता है।
रफ्तार नहीं, नियम है जरूरी: आपको दौड़कर चढ़ने की जरूरत नहीं है; बस इसे अपनी आदत बनाएं।
सावधानी: जिन लोगों को दिल की बीमारी, घुटनों में गंभीर समस्या या बैलेंस बनाने में दिक्कत हो, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही यह शुरू करना चाहिए।