'हादी की हत्या में शामिल दो आरोपी भाग गए भारत', बांग्लादेश में हिंसा के बीच ढाका पुलिस का बड़ा दावा
बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते भारत भाग गए हैं। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने यह दावा किया ह ...और पढ़ें

बांग्लादेश एक बार फिर से हिंसा की आग में झुलस रहा है। बीते हफ्ते बांग्लादेश में दो छात्र नेताओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस बीच ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस बड़ा दावा किया है।
ढाका पुलिस का कहना है कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या में शामिल दो मु्ख्य आरोपी मेघालय की सीमा के रास्ते भारत भाग गए हैं।
बांग्लादेश के अधिकारी ने क्या कहा?
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की मदद करने वाले दो लोगों को भारतीय अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। बांग्लादेश के एक अखबार द डेली स्टार की एक रिपोर्ट में डीएमपी मीडिया सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के संबोधित करते हुए बांग्लादेश के अतिरिक्त आयुक्त एसएन नजरुल इस्लाम ने बताया कि हादी की हत्या में शामिल दो युवक, जिसमें फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख शामिल हैं वह स्थानीय सहयोगियों की मदद से मेघालय की सीमा होते हुए भारत में दाखिल हो गए।
बांग्लादेश के अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने हलुआघाट बॉर्डर पार कर भारत चले गए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को सीमा पार एक व्यक्ति ने रिसीव किया। इसके बाद वह टैक्सी चालक के साथ मेघालय शहर की ओर चले गए।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस को अनौपचारिक रिपोर्ट मिली है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों संदिग्धों की मदद करने वाले दो व्यक्तियों को भारत में हिरासत में लिया गया है। हालांकि, भारत की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।
हिंसा की आग में झुल रहा बांग्लादेश
बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में ढाका से लगभग 100 किमी दूर मैमनसिंह में, 29 साल के गारमेंट फैक्ट्री वर्कर दीपू चंद्र दास को एक इस्लामी भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, पेड़ से बांध दिया और आग लगा दी। यह अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का एक बर्बर प्रदर्शन था। 18 दिसंबर की लिंचिंग के सिलसिले में कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ढाका पुलिस का कहना है कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या में शामिल दो मु्ख्य आरोपी मेघालय की सीमा के रास्ते भारत भाग गए हैं।
बांग्लादेश के अधिकारी ने क्या कहा?
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की मदद करने वाले दो लोगों को भारतीय अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। बांग्लादेश के एक अखबार द डेली स्टार की एक रिपोर्ट में डीएमपी मीडिया सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के संबोधित करते हुए बांग्लादेश के अतिरिक्त आयुक्त एसएन नजरुल इस्लाम ने बताया कि हादी की हत्या में शामिल दो युवक, जिसमें फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख शामिल हैं वह स्थानीय सहयोगियों की मदद से मेघालय की सीमा होते हुए भारत में दाखिल हो गए।
बांग्लादेश के अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने हलुआघाट बॉर्डर पार कर भारत चले गए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को सीमा पार एक व्यक्ति ने रिसीव किया। इसके बाद वह टैक्सी चालक के साथ मेघालय शहर की ओर चले गए।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस को अनौपचारिक रिपोर्ट मिली है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों संदिग्धों की मदद करने वाले दो व्यक्तियों को भारत में हिरासत में लिया गया है। हालांकि, भारत की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।
हिंसा की आग में झुल रहा बांग्लादेश
बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में ढाका से लगभग 100 किमी दूर मैमनसिंह में, 29 साल के गारमेंट फैक्ट्री वर्कर दीपू चंद्र दास को एक इस्लामी भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, पेड़ से बांध दिया और आग लगा दी। यह अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का एक बर्बर प्रदर्शन था। 18 दिसंबर की लिंचिंग के सिलसिले में कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।