ईशान किशन ने 33 गेंदों में शतक ठोककर रचा इतिहास, वैभव सूर्यवंशी का तोड़ा रिकॉर्ड

 ईशान किशन ने 33 गेंदों में शतक ठोककर रचा इतिहास, वैभव सूर्यवंशी का तोड़ा रिकॉर्ड


ईशान किशन ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025 का आगाज रिकॉर्ड शतक के साथ किया। बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने कर्नाटक के खिलाफ केवल 33 गेंदों में शतक जड़ा। किशन की ता ...और पढ़ें




ईशान किशन

 झारखंड के कप्‍तान ईशान किशन ने बुधवार को विजय हजारे ट्रॉफी में तूफानी शतक जड़कर इतिहास रच दिया। किशन ने कर्नाटक के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्‍टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में केवल 33 गेंदों में शतक जमाया।


किशन विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे तेज शतक जमाने वाले दूसरे बल्‍लेबाज बन गए हैं। विजय हजारे ट्रॉफी इतिहास में सबसे तेज जमाने का रिकॉर्ड बिहार के सकीबुल गनी के नाम दर्ज है, जिन्‍होंने बुधवार को ही अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ केवल 32 गेंदों में सैकड़ा जमाया।


हालांकि, ईशान किशन ने बिहार के ओपनर वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड जरूर तोड़ दिया। वैभव ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 36 गेंदों में शतक जमाया था, जिसे किशन ने पीछे छोड़ दिया।
ईशान का मास्‍टर स्‍ट्रोक

ईशान किशन की पारी की सोशल मीडिया पर भी जमकर तारीफ हो रही है। यह तारीफ उनके रिकॉर्ड के लिए नहीं, बल्कि उनके मिडिल ऑर्डर में आकर शतक जमाने के लिए हो रही है। झारखंड के लिए किशन नंबर-6 पर बल्‍लेबाजी करने उतरे और प्रचंड फॉर्म दिखाया।


बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने केवल 33 गेंदों में सैकड़ा पूरा कर लिया। 27 साल के ईशान किशन ने कर्नाटक के खिलाफ 39 गेंदों में सात चौके और 14 छक्‍के की मदद से 125 रन बनाए। उनका स्‍ट्राइक रेट 320.15 का रहा।


ईशान किशन को टी20 वर्ल्‍ड कप के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। फैंस मान रहे हैं कि किशन मिडिल ऑर्डर के लिए शानदार विकल्‍प साबित हो सकते हैं।
झारखंड का विशाल स्‍कोर

बता दें कि झारखंड और कर्नाटक के बीच ग्रुप ए का मुकाबला अहमदाबाद में खेला जा रहा है। कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। झारखंड ने कप्‍तान ईशान किशन (125), कुमार कुशाग्र (63) और विराट सिंह (88) की पारियों के दम पर 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 412 रन बनाए।

फाइनल में जड़ा था शतक

बता दें कि ईशान किशन इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। हाल ही में उन्‍होंने सैयद मुश्‍ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में भी शतक जमाया था। हरियाणा के खिलाफ किशन ने 49 गेंद का सामना करते हुए 10 छक्के और 6 चौके की मदद से 101 रनों की पारी खेली। वह SMAT के फाइनल में शतक बनाने वाले पहले कप्तान बने। झारखंड ने 69 रन से मुकाबला जीता।

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