भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन शानदार शतक जमाया। अरुण जेटली स्टेडियम पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल 173 रन बनाकर नाबाद रहे। टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने जायसवाल की जमकर तारीफ की और कहा कि वो ज्यादा आक्रामक हुए बिना भी गेंदबाजों पर हावी रहे।

यशस्वी जायसवाल
युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी में सिर्फ रन नहीं, बल्कि धैर्य और मानसिक मजबूती की झलक भी देखने को मिली।
अरुण जेटली स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन जायसवाल 173 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने उनकी इस पारी को संयम और परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की बेहतरीन मिसाल बताया।
सीमित आक्रमकता रही यशस्वी की ताकत
कोटक ने कहा जिस तरह जायसवाल ने विकेट के हिसाब से अपने शॉट चुने, गेंद की उछाल और गति को समझा, वह शानदार था। अहमदाबाद टेस्ट में शुरुआत मिलने के बावजूद बड़ा स्कोर न बना पाने का उन्हें अफसोस था, और यहां उन्होंने उसी दृढ़ता को बड़ी पारी में बदला।
जायसवाल ने अपनी 262 गेंदों की पारी में 22 चौके लगाए, लेकिन कोटक के अनुसार, उनकी असली ताकत 'सीमित आक्रामकता' में रही। कोच ने कहा वह बगैर ज्यादा आक्रामक हुए भी गेंदबाजों पर हावी रहे। यह दिखाता है कि वह अपने शॉट चयन और मनोबल पर कितना भरोसा रखते हैं।
बदकिस्मत रहे केएल राहुल
केएल राहुल के आउट होने पर कोटक ने कहा कि राहुल जिस गेंद पर आउट हुए, वह पहली गेंद थी जिसने टर्न लिया और थोड़ी अतिरिक्त बाउंस हुई। इसलिए वह थोड़ा बदकिस्मत रहे।
पिच को लेकर कोच ने कहा कि विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छा है और भारत की टीम दोबारा बल्लेबाजी करने की योजना में नहीं है। हम कोशिश करेंगे कि दूसरे दिन के पहले दो सत्र बल्लेबाजी करें और फिर आखिरी सत्र में गेंदबाजी का फायदा उठाएं।
भारत ने पहले दिन का खेल दो विकेट पर 318 रन के मजबूत स्कोर के साथ समाप्त किया, और जायसवाल की शांत लेकिन चमकदार पारी ने दिन की सबसे बड़ी कहानी लिख दी।
अरुण जेटली स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन जायसवाल 173 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने उनकी इस पारी को संयम और परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की बेहतरीन मिसाल बताया।
सीमित आक्रमकता रही यशस्वी की ताकत
कोटक ने कहा जिस तरह जायसवाल ने विकेट के हिसाब से अपने शॉट चुने, गेंद की उछाल और गति को समझा, वह शानदार था। अहमदाबाद टेस्ट में शुरुआत मिलने के बावजूद बड़ा स्कोर न बना पाने का उन्हें अफसोस था, और यहां उन्होंने उसी दृढ़ता को बड़ी पारी में बदला।
जायसवाल ने अपनी 262 गेंदों की पारी में 22 चौके लगाए, लेकिन कोटक के अनुसार, उनकी असली ताकत 'सीमित आक्रामकता' में रही। कोच ने कहा वह बगैर ज्यादा आक्रामक हुए भी गेंदबाजों पर हावी रहे। यह दिखाता है कि वह अपने शॉट चयन और मनोबल पर कितना भरोसा रखते हैं।
बदकिस्मत रहे केएल राहुल
केएल राहुल के आउट होने पर कोटक ने कहा कि राहुल जिस गेंद पर आउट हुए, वह पहली गेंद थी जिसने टर्न लिया और थोड़ी अतिरिक्त बाउंस हुई। इसलिए वह थोड़ा बदकिस्मत रहे।
पिच को लेकर कोच ने कहा कि विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छा है और भारत की टीम दोबारा बल्लेबाजी करने की योजना में नहीं है। हम कोशिश करेंगे कि दूसरे दिन के पहले दो सत्र बल्लेबाजी करें और फिर आखिरी सत्र में गेंदबाजी का फायदा उठाएं।
भारत ने पहले दिन का खेल दो विकेट पर 318 रन के मजबूत स्कोर के साथ समाप्त किया, और जायसवाल की शांत लेकिन चमकदार पारी ने दिन की सबसे बड़ी कहानी लिख दी।