क्या फोन में RAM एक्सपैंशन फीचर ऑन रखना सही? ज्यादातर लोग नहीं जानते

 क्या फोन में RAM एक्सपैंशन फीचर ऑन रखना सही? ज्यादातर लोग नहीं जानते



स्मार्टफोन में RAM एक्सपैंशन फीचर आजकल चर्चा में है। यह इंटरनल स्टोरेज को वर्चुअल RAM में बदलता है, जिससे मल्टीटास्किंग बेहतर होती है। हालांकि, यह असल ...और पढ़ें




आजकल स्मार्टफोन में कई तरह के फीचर्स मिलने लगे हैं जो इसके इस्तेमाल को और भी बेहतर बना देते हैं। इसी बीच अब स्मार्टफोन में मिलने वाला RAM एक्सपैंशन यानी Virtual RAM फीचर आजकल काफी ज्यादा चर्चा में है।


कई कंपनियां जैसे Samsung, Xiaomi और Realme अपने डिवाइस में इस जबरदस्त फीचर को ऑफर कर रही हैं, लेकिन सवाल ये है कि क्या इसे हमेशा ऑन रखना सही है? चलिए आज इसी के बारे में जानते हैं...
इंटरनल स्टोरेज बन जाती है RAM

दरअसल, RAM एक्सपैंशन फीचर फोन की इंटरनल स्टोरेज के कुछ हिस्से को ही वर्चुअल RAM में बदल देता है। जब आपके डिवाइस की रियल RAM फुल हो जाती है, तब ये फीचर आपको एक्स्ट्रा स्पेस देकर मल्टीटास्किंग को बेहतर और स्मूद बनाने में मदद करता है।

RAM एक्सपैंशन फीचर के फायदे

RAM एक्सपैंशन फीचर के कई फायदे हैं। अगर आप एक साथ बहुत से एप्स इस्तेमाल करते हैं या बैकग्राउंड में एप्स रन करते रहते हैं, तो RAM एक्सपैंशन फीचर आपकी काफी हद तक मदद कर सकता है। खासकर अगर आपके फोन में 4GB या 6GB RAM मिल रही है। ये फीचर एप्स को जल्दी बंद होने से रोकता है। इससे आपको डिवाइस थोड़ा स्मूद फील होता है।
RAM एक्सपैंशन फीचर के नुकसान भी

हालांकि इस RAM एक्सपैंशन फीचर के कुछ नुकसान भी हैं। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि वर्चुअल RAM असली RAM जितना फास्ट नहीं होता, क्योंकि ये स्टोरेज पर बेस्ड होती है, जिसकी स्पीड RAM से काफी स्लो होती है। ऐसे में हाई-परफॉर्मेंस टास्क जैसे गेमिंग या हेवी एडिटिंग में इससे फोन और ज्यादा स्लो भी हो सकता है।


इतना ही नहीं RAM एक्सपैंशन ऑन रखने से फोन की स्टोरेज पर लगातार लोड पड़ता रहता है। इसकी वजह से लंबे टाइम में स्टोरेज की लाइफ पर इसका असर पड़ सकता है। साथ ही इस फीचर के ऑन होने से कुछ मामलों में बैटरी की खपत भी बढ़ सकती है।

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